दमा, रक्तचाप, अल्सर और मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारियों में भी लाभकारी है इसबगोल

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इसबगोल के  7 बेहतरीन फायदे और इसका सही इस्तेमाल

ईसबगोल बाजार में औषधि के रूप में उपलब्ध है और ईसबगोल का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है

ईसबगोल एक प्रकार की झाड़ी है जिसका पौधा मरुस्थल या रेगिस्तानी इलाकों में पाया जाता है । ईसबगोल के पौधे की डालियों के सिरों पर गेहूं जैसी बालियां लगी होती हैं जिनमें छोटी-छोटी नौकाकार और बादामी रंग के बीज लगे होते हैं | हर एक बीज के ऊपर एक पतली और सफेद रंग की चादर होती है जिसे दवाइयों के रूप में प्रयोग करने के लिए अलग कर लिया जाता है और इसी को इसबगोल की भूसी कहा जाता है।


ईसबगोल के बीजों एवं भूसी में काफी मात्रा में म्युसिलेज पाया जाता है जिसके अंदर मुख्य रूप से जाईलोजव गेलेक्टोज आदि पाए जाते हैं । इसका मुख्य रूप से पाचन तंत्र से संबंधित समस्याओं के लिए उपयोग किया जाता है जैसे कब्ज , दस्त और अतिसार परंतु इसके अलावा यह कई और रोगों में भी उपयोगी है ।

तो आइए हम आपको इसबगोल से होने वाले अनेक फायदों के बारे में बताते हैं-

इसबगोल भूसी के फायदे

1- कब्ज के उपचार में

कब्ज के उपचार के लिए ईसबगोल की भूसी का प्रयोग मुख्य रूप से किया जाता है इसका कारण ईसबगोल में पाया जाने वाला अधिक मात्रा में फाइबर है जोकि आंतो से पानी को अवशोषित करके अधिक मात्रा में बल्क का उत्पादन करता है जिससे आंतो के संकुचन की क्रिया उत्तेजित होती है और दस्त का मार्ग आसान हो जाता है और इस तरह यह कब को हटाकर पेट को मुलायम रखता है । कब्ज के इलाज के लिए इसे रात को सोने से पहले दूध अथवा मिश्री के साथ ले सकते हैं

2- मधुमेह में लाभकारी 

इसबगोल में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता है और अधिक फाइबर वाला आहार ही मधुमेह के रोगियों के लिए उपयोगी होता है क्योंकि यह शर्करा के स्तर को कम करता है । उच्च फाइबर वाले आहार में हमेशा कम ग्लाइसेमिक सूचकांक होता है जो प्लाज्मा ग्लूकोज के स्तर को सुधारता है । मधुमेह से पीड़ित लोग इसे इसबगोल को अनाज के आटे में मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

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3- एसिडिटी में इसबगोल का प्रयोग

इसबगोल सीने में जलन और होने वाली एसिडिटी का भी एक उपचारक है जब हम इसबगोल को खाते हैं तो यह भोजन पाइप और पेट के माध्यम से पारित होता है और यह झिल्लीदार दीवारों के लिए लुब्रिकेंट का काम करता है यह एसिड को अवशोषित करता है तथा पेट से आंतो तक अधिक एसिड को बाहर निकालता है ।

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4- गले में और दांत दर्द में उपयोगिता

जी हां इसबगोल का प्रयोग हम गले में दर्द के लिए भी कर सकते हैं यह दमा और सूखी खांसी का अच्छा उपचारक है । ईसबगोल को चीनी के साथ लेने से सूखी खांसी और गले में खराश और गले में होने वाली जलन से तत्काल राहत मिलती है । दमा की शिकायत होने पर सुबह शाम दो दो चम्मच ईसबगोल की भूसी गर्म पानी के साथ लेने से यह शिकायत दूर हो जाती है |

5- कोलेस्ट्रॉल की कम मात्रा

इसबगोल में फाइबर की मात्रा अधिक होने पर यह हृदय रोगों के खतरों को भी कम कर देती है रात को सोने से पहले 5 ग्राम इसबगोल का सेवन दैनिक रूप से करने से हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है

6- रक्तचाप को रखता है नियंत्रित

इसबगोल से कोलेस्ट्रॉल कम करने मैं मदद मिलती है तो यह उच्च रक्तचाप के लिए भी लाभकारी है । हाई कोलेस्ट्रॉल से ही हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है । इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है इसलिए इसके रोजाना सेवन से आप कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रख सकते हैं।

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7- अल्सर में लाभदायक

ईसबगोल आंतो में पैदा होने वाले अल्सर के लिए भी लाभकारी है जब आंतों में अल्सर पैदा हो जाता है तो इस अवस्था में भी इसबगोल का सेवन किया जाता है यह अल्सर के ऊपर एक आवरण बना देता है जिसके कारण अवसर पर सेवन किए गए मिर्च-मसालों का बुरा असर नहीं पड़ता है।

आइए दोस्तों अब हम आपको इसबगोल के सही इस्तेमाल के तरीकों के बारे में बताते है-

1- ईसबगोल का असर होने में 10 से 12 घंटे तक का समय लग जाता है ईसबगोल को पानी में घोलकर रख दें जब पूरा लुआब बन जाए तब इसका सेवन चीनी अथवा मिश्री मिलाकर खाएं।

2- एक चम्मच या 2 चम्मच दिन में 3 बार इसका सेवन करे ।

3-अगर आप वजन कम करने के लिए इसका सेवन कर रहे हैं तो दिन में 3 बार खाने से पहले दूध के साथ इसबगोल का सेवन करे यह वजन कम करने में भी लाभकारी है ।

4- गर्भवती स्त्रियां बिना चिकित्सक के परामर्श के इसका सेवन ना करे ।

5- जब कब्ज की समस्या खत्म हो जाये तो इसका सेवन बंद कर दे। ईसबगोल के अधिक सेवन से जठराग्नि का मंद होना भी संभव है

दोस्तों आपने देखा कि इसबगोल ना सिर्फ हमारे पेट को दुरुस्त रखता है बल्कि दमा, रक्तचाप, अल्सर और मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारियों में भी लाभकारी है |

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